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Raipur रायपुर: छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (CGRERA) ने होम बायर्स के हितों की रक्षा में बड़ा फैसला सुनाया है। प्राधिकरण ने दुर्ग जिले के ग्राम अमलेश्वर स्थित आवासीय परियोजना ‘हर्षित नियोज सिटी’ से जुड़े मामले में निवासियों के पक्ष में आदेश जारी किया है। रेरा ने परियोजना के प्रमोटर सिंघनिया बिल्डॉन प्रा.लि. और मेसर्स हर्षित सिंघानिया बिल्डॉन को निर्देश दिया है कि वे सिंकिंग फंड की पूरी राशि तत्काल प्रभाव से सहकारी आवासीय सोसायटी को ट्रांसफर करें और कॉमन एरिया का प्रबंधन भी सौंप दें।
यह मामला तब सामने आया जब ‘हर्षित नियोज सिटी रेसिडेन्शियल को-ऑपरेटिव सोसायटी मर्यादित’ ने प्रमोटर के खिलाफ रेरा में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में रखरखाव व्यवस्था में कमी, साझा सुविधाओं के संचालन में अनियमितता, सिंकिंग फंड का हस्तांतरण न होना और कॉमन एरिया सोसायटी को न सौंपे जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।
मामले की सुनवाई के बाद CGRERA ने कहा कि सिंकिंग फंड का उपयोग केवल परियोजना के दीर्घकालिक रखरखाव और मरम्मत के लिए होता है, जिस पर वास्तविक अधिकार केवल निवासियों का होता है। इसलिए इसे तुरंत सोसायटी को सौंपना जरूरी है। रेरा ने रियल एस्टेट रेगुलेशन एक्ट 2016 की धारा 17 का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद कॉमन एरिया का नियंत्रण आवंटियों की सोसायटी को सौंपना अनिवार्य है। इस आदेश के बाद निवासियों को बड़ी राहत मिली है और अब उन्हें अपने परिसर के प्रबंधन और फैसलों पर पूरा अधिकार मिलेगा।
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